स्व-रोजगार विकास कार्यक्रम

 

देश में बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए तथा आने वाले वर्षों में बरोजगारी की समस्या से निपटने के लि नीति के मुख्य साधन के रुप में स्व-रोजगार के विकास और जन शक्ति योजना के विकेंद्रीकरण को छठी पंचवर्षीय योजना में अपनाया गया है, जिसमें स्व-रोजगार के विकास पर मुख्य बल दिया गया। केंद्रीय रुप से प्रायोजित कार्यक्रम के अंतर्गत रोजगार चाहने वालों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 28 जिला रोजगार कार्यालयों में स्व-रोजगार विकास कक्ष की स्थापना के द्वारा उन्हें मजबूत बनाया गया। इसके मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित थेः

 

1.                  नौकरी चाहने वालो के बीच रोजगार मार्केट परिस्थिति और नौकरी के अवसरो के प्रति रोजगार चाहने वालों के बीच जागरकता लाना

2.                   नौकरी चाहने वालों को स्व-रोजगार उपक्रमों के लिए प्रोत्साहित करना।

3.                  विभिन्न साधनों से स्व-रोजगार उपक्रमों की स्थापना के लिए अपेक्षित आवश्यक इनपुट प्राप्त करने मे उन्हें सहायता देना।

4.                  स्व-रोजगार की प्रोन्नति के लिए विभिन्न एजेंसियों में समन्वय स्थापित करना।

5.                  स्व-रोजगार आरम्भ करने वाले युवाओं के मार्केट में बने रहने के लिए उन्हें आवश्यक अनुवर्ती सहायता उपलब्ध कराना।

 

स्व-रोजगार को प्रोत्साहन देने के लिए रोजगार कार्यालयों को सुदृढ़ करने की योजना,1.9.83 से प्रचालन में है। योजना के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी संबधित राज्य/संघ राज्य क्षेत्र सरकारों पर है। तथापि इस योजना को 1.4.90 से गैर योजना में परिवर्तित कर दिया गया और संबंधित राज्यों को इसका स्थानांतरण कर दिया गया।

            वर्तमान में 19 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में 23 स्व-रोजगार प्रोन्नति कक्ष कार्यरत हैं।

            विभिन्न समूहों/समितियों द्वारा इस बात पर भी बल दिया गया है कि स्व-रोजगार कार्यक्रम को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए आवश्यक है कि समर्थ उद्यमियों की पहचान की जाए, उन्हें प्रोत्साहित किया जाए और ऐसे उपक्रम अपनाने पर उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं और प्रोत्साहन के बारे में सूचना दी जाए। वास्तविक उद्यमी की कुछ अलग विशेषताएं होती है जिनका निर्धारण करना जरूरी है। नौकरी चाहने वालों/युवाओं की उद्यमशीलता की क्षमता की पहचान करने के लिए रोजगार एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय ने त्रि-स्तरीय अभिगम से युक्त मनोवैज्ञानिक उपकरणों का विकास किया है। त्रि-स्तरीय व्यवस्था का उद्देश्य विभिन्न व्यवहार प्रतिमान/गुणों को प्रकाश में लाना है, जो स्व-रोजगार उपक्रमों की सफलता के लक्षण हों और इस प्रकार ऐसे उद्यमी की पहचान में उपयोगी हो जिसमें उद्यमशीलता की क्षमता का अपेक्षित स्तर विद्यमान हो।

 

 

स्व-रोजगार संवर्धन सेलों की सूची 

 

 

क्रम. सं.

राज्य

 

स्व रोजगार संवर्घन सेल का पता

1.     

आंध्र प्रदेश

1.

 

 

 

 

 

2.

जिला रोजगार कार्यालय

स्व रोजगार संवर्धन सेल

मेदक, आंध्र प्रदेश

 

जिला रोजगार कार्यालय

स्व रोजगार संवर्धन सेल

श्रीकाकुलम, आंध्र प्रदेश 

2.     

असम

1.

जिला रोजगार कार्यालय

स्व रोजगार संवर्धन सेल

गुवाहाटी, असम। 

3.     

बिहार

1.

जिला रोजगार कार्यालय

स्व रोजगार संवर्धन सेल

पटना बिहार।

 

4.     

छत्तीसगढ़

1.

जिला रोजगार कार्यालय

स्व रोजगार संवर्धन सेल

रायपुर, छत्तीसगढ़।

 

5.     

गोवा

1.

जिला रोजगार कार्यालय

स्व रोजगार संवर्धन सेल

पणजी, गोवा।

 

6.     

जम्मू और कश्मीर

1.

जिला रोजगार कार्यालय

स्व रोजगार संवर्धन सेल

पुलवामा, जम्मू और कश्मीर।

 

7.     

झारखंड

1.

जिला रोजगार कार्यालय

स्व रोजगार संवर्धन सेल

दुमका, झारखंड।

 

8.     

केरल

1.

जिला रोजगार कार्यालय

स्व रोजगार संवर्धन सेल

कोल्लम, केरल।

 

9.     

मध्य प्रदेश

1.

जिला रोजगार कार्यालय

स्व रोजगार संवर्धन सेल

उज्जैन, मध्य प्रदेश।

 

10. 

मणिपुर

1.

जिला रोजगार कार्यालय

स्व रोजगार संवर्धन सेल

इम्फाल, मणिपुर।

 

11. 

मेघालय

1.

जिला रोजगार कार्यालय

स्व रोजगार संवर्धन सेल

जयंतिया हिल्स टाउन, मेघालय।

 

12. 

मिजोरम

1.

जिला रोजगार कार्यालय

स्व रोजगार संवर्धन सेल

आइजवेल, मिजोरम।

 

 

13. 

नागालैंड

1.

जिला रोजगार कार्यालय

स्व रोजगार संवर्धन सेल

कोहिमा, नागालैंड।

 

14. 

उड़ीसा

1.

जिला रोजगार कार्यालय

स्व रोजगार संवर्धन सेल

बालासोर, उड़ीसा।

15. 

पांडिचेरी

1.

जिला रोजगार कार्यालय

स्व रोजगार संवर्धन सेल

पांडिचेरी।

 

16. 

राजस्थान

1.

 

 

 

 

2.

जिला रोजगार कार्यालय

स्व रोजगार संवर्धन सेल

भरतपुर, राजस्थान।

 

जिला रोजगार कार्यालय

स्व रोजगार संवर्धन सेल

अलवर, राजस्थान।

 

17. 

त्रिपुरा

1.

जिला रोजगार कार्यालय

स्व रोजगार संवर्धन सेल

पश्चिम त्रिपुरा, त्रिपुरा।

 

18. 

उत्तर प्रदेश

1.

 

 

 

 

2.

 

 

 

 

3.

जिला रोजगार कार्यालय

स्व रोजगार संवर्धन सेल

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।

 

जिला रोजगार कार्यालय

स्व रोजगार संवर्धन सेल

मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश।

 

जिला रोजगार कार्यालय

स्व रोजगार संवर्धन सेल

मेरठ, उत्तर प्रदेश।

 

19. 

पश्चिम बंगाल

1.

जिला रोजगार कार्यालय

स्व रोजगार संवर्धन सेल

नाडिया, पश्चिम बंगाल।